अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के पहले गुजरात की झुग्गियों को लेकर विवाद हो रहा है. यह विवाद तब सामने आया, जब कुछ प्रमुख मीडिया संस्थानों ने रिपोर्ट प्रकाशित की कि अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने झुग्गियों में रहने वाले लोगों को नोटिस भेजकर झुग्गी खाली करने को कहा है और ट्रंप के रूट पर पड़ने वाली झुग्गी बस्ती को ढंकने के लिए दीवार बनाई जा रही है.
क्या है दावा?
फेसबुक पर एक साथ जोड़कर दो तस्वीरें वायरल हो रही हैं और इन तस्वीरों को गुजरात का बताया जा रहा है. इन तस्वीरों में से एक जो डिजिटल ग्राफिक्स फोटो की तरह दिखती है, उस पर कैप्शन लिखा है, “गुजरात 2014”. दूसरी तस्वीर देखने पर लगता है कि यह कोई झुग्गी बस्ती है, जिसकी ऊपर से तस्वीर ली गई है. इस पर कैप्शन लिखा है, “गुजरात आजकल”. “Nimal C R” नाम के फेसबुक यूजर ने ये दो तस्वीरों का कोलाज फेसबुक पर पोस्ट किया है.
इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
क्या है सच्चाई?
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि यह पोस्ट भ्रमित करने वाली है. वायरल हो रही यह तस्वीरें गुजरात की नहीं हैं. रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें वायरल तस्वीरों का असली स्रोत मिल गया, जहां से ये तस्वीरें ली गई हैं.
पहली तस्वीर
यह तस्वीर “wallpaperflare.com” नाम की एक वेबसाइट से ली गई है. यह वॉलपेपर पिक्चर वास्तविक नहीं है, बल्कि एक प्रतीकात्मक ग्राफिकल तस्वीर है. वेबसाइट पर इस तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है, "फ्यूचरिस्टिक सिटीस्केप, हरी घास, फैंटेसी".
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